राजा बलवन्त सिंह कालेज, आगरा से वर्ष 1971 में मास्टर आफ साइंस (M.Sc.) वनस्पति विज्ञान से करने के बाद उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, विभाग में वर्ष 1971 में ज्येष्ठ शोध सहायक के पद पर पर्वतीय फल शोध केन्द्र चौबटिया, रानीखेत में अपना योगदान दिया।
उद्यान विभाग में विभिन्न पदों यथा ज्येष्ठ शोध सहायक, वेजिटेबल ब्रीडर, पोटेटो ब्रीडर, मुख्य उद्यान विशेषज्ञ पर कार्य करते हुए जिला उद्यान अधिकारी के पद से वर्ष 2008 में सेवानिवृत्त हुआ।
अभी तक चालीस से अधिक शोध-पत्र एवं लेख विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जर्नल एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए।
सेवा निवृत्ति के बाद ग्राम्या में कृषि उद्यान विशेषज्ञ, मनरेगा में लोकपाल, एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना (IFAD-ILSP) उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति (UGVS), रिलायंस फाउंडेशन उत्तराखण्ड, सेवा इन्टरनेशनल उत्तराखण्ड आदि संस्थाओं में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में सेवायें दी, वर्तमान में कृषि/उद्यान स्वतंत्र सलाहकार के रूप में सेवा दे रहे हैं।
