डॉ. राजेंद्र कुकसाल, देहरादून, 17 फरवरी, 2026ः उत्तराखंड में सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 लागू किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत सरकारी सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने हेतु कानून बनाया गया है। इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना, पारदर्शिता बढ़ाना तथा सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यह अधिनियम नागरिकों को समयबद्ध रूप से लोक सेवाएं प्रदान करने का अधिकार देता है तथा सेवा में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के लिए दंड का प्रावधान भी करता है।
इसी के परिपालन में उद्यान विभाग द्वारा पत्रांक संख्या 141/उद्यान-सेवा का अधिकार/2018-19, देहरादून, दिनांक 25 अप्रैल, 2018 के माध्यम से सेवा का अधिकार अधिनियम-2011 के अंतर्गत उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में अधिसूचित किए जाने हेतु नागरिक अधिकार पत्र (Citizen Charter) का आलेख शासन के माध्यम से प्रमुख सचिव, सुराज, भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा विभाग, उत्तराखंड शासन तथा सचिव, सेवा का अधिकार आयोग को भी उपलब्ध कराया गया था। परंतु इस अधिनियम का वास्तविक अनुपालन उद्यान विभाग में कहीं भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता। अधिकतर किसानों को नागरिक अधिकार पत्र (Citizen Charter) की जानकारी ही नहीं है। परिणामस्वरूप वे योजनाओं की स्वीकृति हेतु विभाग के अनावश्यक चक्कर काटने में अपना बहुमूल्य समय व्यर्थ करते हैं।
उद्यान विभाग द्वारा नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली कुछ सेवाओं का विवरण-
1 नवीन उद्यान कार्ड जारी कराना-
पूर्ण आवेदन प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर प्रभारी उद्यान सचल दल केंद्र द्वारा मुख्य उद्यान अधिकारी/जिला उद्यान अधिकारी से स्वीकृति प्राप्त कर उद्यान कार्ड जारी किया जाएगा।
2 पुराने उद्यान कार्ड का नवीनीकरण-
पूर्ण आवेदन प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर मुख्य उद्यान अधिकारी/जिला उद्यान अधिकारी की स्वीकृति उपरांत नवीनीकरण किया जाएगा।
3 पौधशाला पंजीकरण-
पूर्ण आवेदन प्राप्त होने के 60 दिन के भीतर मुख्य उद्यान अधिकारी/जिला उद्यान अधिकारी द्वारा स्वीकृति उपरांत पंजीकरण जारी किया जाएगा।
4 पुरानी पौधशालाओं का नवीनीकरण (पंजीकृत)-
पूर्ण आवेदन प्राप्त होने के 60 दिन के भीतर मुख्य उद्यान अधिकारी/जिला उद्यान अधिकारी की स्वीकृति उपरांत नवीनीकरण किया जाएगा।
5 कोल्ड स्टोरेज का पंजीकरण/नवीनीकरण-
पूर्ण आवेदन प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर मुख्य उद्यान अधिकारी/जिला उद्यान अधिकारी द्वारा प्रकरण उद्यान निदेशालय को प्रेषित किया जाएगा।
6 कृषि भूमि में फलदार वृक्षों के पातन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र-
पूर्ण आवेदन प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर प्रभारी उद्यान सचल दल केंद्र द्वारा मुख्य उद्यान अधिकारी/जिला उद्यान अधिकारी से स्वीकृति प्राप्त कर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
यदि निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत विभाग द्वारा नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं, तो संबंधित जनपद के मुख्य विकास अधिकारी प्रथम अपीलीय अधिकारी तथा जिलाधिकारी द्वितीय अपीलीय अधिकारी होंगे। सेवा में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान है।
